तुम्हारी यादों में रहे बातों में नहीं रहे

 

आज जब तुम्हें पहले के दिनों में ढूंढा तो मालूम हुआ 

हम तुम्हारी यादों में रहे बातों में नहीं रहे

© आशु चौधरी "आशुतोष

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