मुद्दतों कोई शख्स उस दिये में पानी मिलाकर गया था

मैंने हजार कोशिशों से उस दिये के लौ को जिंदा रक्खा है

मुद्दतों कोई शख्स उस दिये में पानी मिलाकर गया था

© आशु चौधरी "आशुतोष

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