राह में हजारों गुलाब खिलकर मुस्कुरा उठे

 


राह में हजारों गुलाब खिलकर मुस्कुरा उठे

तेरे कदम ज्योंही पड़े गली के मोड़ पर

© आशु चौधरी "आशुतोष

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