दिल की बेकरारी राज़ बन जाए




दिल की बेकरारी राज़ बन जाए

तू मेरा कल आज कल और आज बन जाए

तुझको पता नहीं शायद धड़कनों का राज़

ऐसा कुछ हो कि तू मेरा हमराज़ बन जाए

© आशु चौधरी "आशुतोष

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