आँखों ही आँखों से इशारा नहीं करते

 


आँखों ही आँखों से इशारा नहीं करते

हम उम्मीद वाले हौसला हारा नहीं करते

उसकी मर्जी इँकार करे या इकरार करे

हम उन दीवानों में से हैं जो तमाशा नहीं करते

एक बार जिस से हो गया सो हो गया

हम इश्क भी दोबारा नहीं करते

हमें बददूआ दो ऐ दुनिया वालों

हम दुआओं से गुजारा नहीं करते

गिरते पड़ते हैं बच्चों की तरह

अब अपने भी हमे सँभाला नहीं करते


© आशु चौधरी "आशुतोष

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