जो दोस्त थे वो दोस्त नहीं थे

 


जो दोस्त थे वो दोस्त नहीं थे

जो पराए थे वो अपने नहीं थे

हम एक कशमकश की दहलीज पर खड़े थे

 रिश्ते निभाने को अड़े थे

उन्होंने आज साथ छोड़ दिया हमारा

जिनके वास्ते हम दुनिया से लड़े थे

जो अपने थे वो पराए नहीं थे

हम कभी दोस्ती को आजमाए नहीं थे

 एक गलतफहमी की दहलीज पर खड़े थे

अपनों को आजमाने में अड़े थे

उन्होंने आज साथ दिया हमारा

हमारे वास्ते जो दुनिया से लड़े थे।


©आशु चौधरी "आशुतोष

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