ऐ मेरी माँ तू साथ रहे तो हंसते हुए सब अजाब गुज़रे

 

वो गम की बारिश हो या यादों के तूफान सब साथ गुज़रे

ऐ मेरी माँ तू साथ रहे तो हंसते हुए सब अजाब(दर्द) गुज़रे

वो उसकी की याद में जो रात न गुज़रे

ऐ मेरी माँ सर पर तेरा हाथ हो तो चैन से सब रात गुज़रे

© आशु चौधरी "आशुतोष

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