किसी के बात में हूँ
इसीलिए
जज़्बात में हूँ
किसी के प्यार में हूँ
किसी के याद में हूँ
इसीलिए
कलम के साथ में हूँ
दौर है मोहब्बतों का
हमें चैन से मोहब्बत करने दो
ऐसे तो दुश्मन मुझे याद हैं
दोस्तों से बर्बाद हैं
दुश्मनी मुझे आती है
इसीलिए
जमाने के बदलते अंदाज में हूँ
© आशु चौधरी "आशुतोष

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