अपने सर पे कुछ इल्जाम लिए बैठे हैं


 अपने सर पे कुछ इल्जाम लिए बैठे हैं

  तेरे आने की खुशी में कल का आज काम किए बैठे हैं

  तुम कहते हो सो जाओ... मगर तुम्हें क्या खबर

  हम कई रातों की नींद हराम किए बैठे हैं

© आशु चौधरी "आशुतोष

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