जान में जान तो तुम्हीं दोनों से है

 


तुम्हारे बगैर और तुम्हारे चाय के बगैर जब दिन गुज़रा

तो कहीं मालूम हुआ जान में जान तो तुम्हीं दोनों से है

© आशु चौधरी "आशुतोष

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