हमारे आँसूओं की कीमत नहीं ज़माने की नज़रों में

 

हमारे आँसूओं की कीमत नहीं ज़माने की नज़रों में

शायद इसीलिए भी अपने आँसू हमने खुद पोछे हैं

© आशु चौधरी "आशुतोष

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