दोस्त कहते हैं पुराने रँग में आ जाओ

 


दोस्त कहते हैं पुराने रँग में आ जाओ

मेरे अन्दर तुम हो किस तरह आएँ खुद में हम

© आशु चौधरी "आशुतोष

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