"तेरे बाद तेरी चाय की रौनकें बरकरार रखेंगे
हमने सोचा है कि अपने चाय का रंग बदल देंगे ,,
तात्पर्य- जब वो चाय देती थी तो मतलब उसके चाय का रंग ही कुछ अलग होता था.. और उसके चाय को पी कर बस उसके चाय का ही आदत लग गया जब वो नहीं होगी तब हम उसके चाय के तस्वीरों से अपनी तलब मिटाएंगे... और कभी भूलकर उसके जैसा चाय किसी के हाथ से नहीं पीएंगे और न ही बनाएंगे उसके चाय को सबके चाय से जुदा रखेंगे।
© आशु चौधरी "आशुतोष
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