" तकलीफ़ और अंजाम पर भी भारी है
ये जो इश्क की सवारी है...
और..जिन्दगी हमें हंसना मत सिखा
हम पे गमों की जिम्मेवारी है ,,
© आशु चौधरी "आशुतोष
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें