" बुराई इसलिए नहीं बढ़ रही है कि बुरे लोग बढ़ गए है बल्कि बुराई इसलिए बढ़ रही है क्योंकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ गये है ,,
" इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से कि मैं इश्क़ लिखना भी चाहूं..तो इंक़लाब लिख जाता हूँ ,,
" किसी भी इंसान को मारना आसान है..पर उसके विचारों को नहीं..महान से महान लोग टूट जाते हैं..तबाह हो जाते हैं..जबकि उनके विचार बच जाते हैं ,,
" जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझे भी है पर मैं इसे छिपाना नहीं चाहता..लेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है..मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता ,,
© भगत सिंह
भगत सिंह के विचार जिसे उन्होंने जेल में रहते हुए लिखा था।
आज 23 मार्च को समूचे भारत में शहीद दिवस मनाया जा रहा है....तो आइए मेरे साथ मिलकर महान क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन करते हैं 🙏🙏

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