आँखों से तो वाक़िफ़ हैं उसकी मगर होंठों का अंदाज़ा नहीं..

 


"आँखों से तो वाक़िफ़ हैं उसकी मगर

होंठों का अंदाज़ा नहीं..

कहीं से उसके जूठे पानी इंतज़ाम करो

फिर हम शराब को उसकी औकात बताएँ,,


© आशु चौधरी "आशुतोष

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