अब के दीवाली घर का कोना-कोना सजाऊं

 

अब के दीवाली घर का कोना-कोना सजाऊं

फिर तुझको सजाकर जी भर के निहारूं

तेरे हुस्न जब लगेंगे ढलने 

तेरे पांव जब लगेंगे दुखने

फिर मैं तेरी नज़र उतारूं तेरे पांव दबाऊं

© आशु चौधरी "आशुतोष


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